Saturday, August 01, 2009

तमन्ना

एक तमन्ना छोटी सी,
बड़ी आँखों वाली लड़की की
खामोशी में रहती थी,
लड़की के गालों के गुच्चों में
मुस्कराहट में छिपी रहती थी,
लड़की के काले बालों की
चोटी में फूल सी गुँथी रहती थी

एक तमन्ना बड़ी सी,
रसॊई के आले में
आचार के मर्तबान में रहती है
फ़टी रसीद सी
पंसारी की दुकान में रहती है
माधो, बिट्टो की
शादी के लेन -देन में रहती है
बगीचे के फव्वारे के
नीचे पानी में पड़े सिक्कों में रहती है

छोटी तमन्ना चुलबुली सी
बड़ी तमन्ना संजीदी सी
हर साँझ छुप्पा छुप्पी खेलती हैं
कुट्टी, अब्बा कर के रात को
सपनों में चाँद पर बैठी मिलती हैं।

9 comments:

निर्मला कपिला said...

छोटी तमन्ना चुलबुली सी
बड़ी तमन्ना संजीदी सी
हर साँझ छुप्पा छुप्पी खेलती हैं
कुट्टी, अब्बा कर के रात को
सपनों में चाँद पर बैठी मिलती हैं।
बहुत खूब प्यारी सी तमन्ना बधाई

विजय गौड़ said...

सुंदर कविता है।
बधाई।

mehek said...

हर साँझ छुप्पा छुप्पी खेलती हैं
कुट्टी, अब्बा कर के रात को
सपनों में चाँद पर बैठी मिलती हैं।
sooooo sweet,behad khubsurat tammana hai,sunder kavita badhai.

Vinay said...

बहुत अनुपम रचना है
---------------
Happy Friendship Day!
-------------
ग़ज़लों के खिलते गुलाब

अनूप शुक्ल said...

सुन्दर! सबकी, सब तमन्नायें पूरी हों!

श्यामल सुमन said...

तमन्ना छोटी सी ही सही - लेकिन रोचक और गम्भीर है रजनी जी।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

Dr. Ashok Kumar Mishra said...

बहुत अच्छा लिखा है आपने । भाव और विचारों की सुंदर प्रस्तुति है।

मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है-इन देशभक्त महिलाओं केजज्बे को सलाम-समय हो तो पढें़ और कमेंट भी दें।

http://www.ashokvichar.blogspot.com

संजीव समीर said...

सुंदर कविता है। बधाई। सबकी तमन्नायें पूरी हों!

डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल said...

बहुत खूबसूरत कविता. बधाई.