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Name: रजनी भार्गव
Location: Plainsboro, New Jersey, United States

किताबों में कुछ किस्से हैं, मेरी उम्र के कुछ गुज़रे हुए हिस्से हैं

Sunday, April 22, 2007

आवरण

मुझसे मेरा परिचय करा दो
पेड़ की छाल से मेरा आवरण हटा दो
एक नवअंकुरित पौध
मिट्टी को खगाल
अभी-अभी फूटी है,
लचीली, कच्ची टहनी
नभ को छूने उठी है,
प्रभात की वेला में
गरमाहट उसको मिली है,
अमराई में चमकती हुई
मकड़ी के जालों सी खिली है
इससे पहले की वो बड़ी हो
परत दर परत गठे,
उस नवअंकुरित अहसास को
हवा में उड़ा दो,
मेरे पोर-पोर में बसा दो,
उनसे उपजित क्षणों को
कोई सुरभित संज्ञा दे दो,
मुझसे मेरा परिचय करा दो ।

3 Comments:

Blogger Udan Tashtari said...

बहुत सुंदर रचना.बधाई.

3:03 AM  
Blogger Reetesh Gupta said...

सुंदर प्रवाह लिये ....बढ़िया कविता...बधाई

5:39 AM  
Blogger Rohit Tripathi said...

Bahut sundar likha aapne,

5:20 AM  

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